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500 प्रचार किया उपदेश रूपरेखा
500 प्रचार किया उपदेश रूपरेखा
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डॉ. बिल्ली ग्रहम के प्रचार-निर्देशन रेखाओं सहित
पौलुस ने युवा प्रचारक तीमुधियुस को वह चेतावनी दी: वचन का प्रचार कर | दो हजार वर्ष पहले जो आवश्यक था, वह आज भी नितांत आवश्यक है। वचन का प्रचार करना, प्रवित्रशास्त्र के तथ्यों अर्थात् सच्चाईयों को स्पष्टता एवं दृढ़ निश्चय के साथ लोगों के समक्ष प्रस्तुत या प्रकट करना है।
जॉन रिचि की उपदेश रूपरेखा- श्रृंखला उन सच्चाईयों को लोगों के समक्ष प्रस्तुत करती है, जो उनके जीवन को बदल देती है तथा उनकी वर्तमान या तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। इन अतिरिक्त मदद का उद्देश्य या अभिप्राय व्यक्तिगत एवं प्रार्थनापूर्ण बाइबल अध्ययन की गति एवं गहराई को मंद या धीमी व फ़ीकी करना नहीं है, वरन् इसके बजाय, परमेश्वर के विभिन्न सत्य का प्रचार करने वाले अथवा उनकी शिक्षा देने वाले लोगों को प्रेरणात्मक अंतर्दृष्टि प्रदान करने के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना है।
कोई व्यस्त प्रचारक अथवा कलीसिया का सेवक जन अपने सक्रिय एवं प्रभावकारी प्रचार कार्य अथवा शिक्षा देने की सेवकाई में इन उपदेश रूपरेखाओं को सहायक एवं उत्प्रेरक विधि व योजना प्रदान करने वाली पायेगा। यह संस्करण डॉ. बिल्ली ग्रहम के द्वारा बतायी गयी प्रचार - कार्य - संबंधी उन विभिन्न निर्देशन को प्रस्तुत करता है, जो प्रचारकों को ऐसे संदेश तैयार करने में मदद करते हैं, जो लोगों को प्रभु यीशु खीष्ट पर विश्वास करने हेतु उसके निकट लाते हैं।
जॉन रिचि (1853-1930 के दौरान), स्कॉटलैंड वेल्स और इंगलैंड में एक बाइबल-शिक्षक थे। कुछ लोगों का कथन है कि वे अपने प्रभावशाली प्रचार करने की शौली (जिससे घटनाओं का विवरण देना, तथा हंसी - मजाक आशथीत मनोरंजन के साथ वचन की व्याखा करना शामिल है) के माध्यम से उपदेश देने के दौरान लोगों के ध्यान एवं एकाग्रता को बांधे रखने में निपुण थे। लेखक के द्वारा लिखी गयी दो सौ (200) पुस्तकों में उनकी लेखन-शैली रुचिकर, परमेश्वर के लोगों के हृदय को उत्सुकता से भरनेवाली होने के साथ हीं साथ सरल व सहज शब्दावली, आत्मिक स्वर से परिपूर्ण और पवित्र शास्त्रों के प्रति उनके गंभीर धैर्य से युक्त टू कनान, तथा टेबरनाकल इन द विल्डरनेस |
डॉ. बिल्ली ग्रहम ने पचास (50) वर्ष की अपनी सेवकाई की अवधि के दौरान, अस्सी (80) देशों में दो सो करोड़ से अधिक श्रोताओं को आमने-सामने प्रत्यक्ष रूप से सुसमाचार के संदेश को सुनाया | टेलीविजन, फिल्म और इंटरनेट के द्वारा लाखों लोगों ने उन्हें प्रभु खीष्ट के शुभ संदेश को बताते हुए अर्थात् प्रचार करते हुए सुना है। उनके प्रचार या उपदेश को सुनने के परिणामस्वरूप हजारों - लाखों लोग प्रभु ख्रीस्त के निकट कई दिन प्रार्थना में बिताते हैं | उन्होंने विश्व के हजारों प्रचारकों को प्रशिक्षित किया है, ताकि वे प्रभावकारी ढंग से सुसमाचार को लोगों तक संचारित कर सकें तथा श्रोताओं को प्रभु-यीशु मसीह पर विश्वास करने और उसके अनुयायी बनने के लिये आहवान दे सके | इस पुस्तक में प्रस्तुत प्रचार कार्यसंबंधी निर्देशन 1983 में एम्सटर्डम कॉन्फ्रेंस ऑफ इटीनरेंट इवेंजलिस्ट्स में डॉ. ग्रहम के द्वारा दिये गये संदेशों से लिये गये हैं ।
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